ओडिशा मेँ दिवाली :- भारत मेँ अलग अलग क्षेत्रोँ मेँ एक ही त्योहार के अलग अलग रुप होते हैँ . उत्तर तथा पश्चिम भारत मेँ इस पर्व को भगवान राम के अयोध्या आगमन के याद मेँ मनाया जाता है परंतु ओडिशा मेँ इसी दिन आपने पूर्वोजोँ को दिये जला कर विदा किया जाता है .. विश्णु पुराण मेँ वली राजा और वामन अबतार की कथा आती है जिसमेँ भगवान राक्षस राज वली के गर्व को ध्वंस्त कर उसे पाताल लोक मेँ स्तान देते हेँ और साल मेँ केवल एक माह के लिये पृथ्वी मेँ आनेँ का वरदान भी देते है . और यही वो मूल कथा जिसको आधार मानकर ओडिशा मेँ दिवाली को एक अलग ही रंग मेँ बनाया जाता है....जाते हुए आपने पूर्वजोँ को लोग यह मंत्र कहकर विदा करते है "गंगा जाओ गया जाओ अंधकार मेँ आये थे और उजाले मेँ जाओ".,.,.,.,
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