अग्निमित्र...
शुंगवंश के संस्थापक पुष्यमित्रका पुत्र और उत्तराधिकारी ।
अपने पिताके राज्यकालमेँ
वह नर्मदा प्रदेशका उपराजा हुआ करता था और उसने अपनी राजधानी विदिशामेँ रखी थी ।
विदिशा को आजकल भिलासा कहा जाता है ।
उसने अपने दक्षिणी पड़ोसी विदर्भ (बरार) के राजाको पराजित किया और शुंग राज्यको वर्धानदीके तटतक फैला दिया ।
946 ई.पू. मे वह अपने पिताका उत्तराधिकारी बना और पुराणोँ के अनुसार उसने आठ वर्ष राज किया ।
कालिदासके प्रसिद्ध नाटक मालविकाग्निमित्र मेँ इसी अग्निमित्रकी प्रेमकथा का वर्णन है ।
इसके नामसे अनकोँ सिक्के भी मिले है
संदर्भ
भारतीय इतिहास कोष
&
पर्जोटर डयनेस्टीज अफ दि कलि एज ,Page no.30-70....
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